फरीदाबाद औद्योगिक नगरी में प्रतिदिन 100 से अधिक कुत्तों के हमाते के मामले आने के बावजूद शिल्टर होम को लेकर नगर निगम अधिकारी पूरी तरह से आरामतलबी में दिख रहे हैं। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तीन माह बाद भी अभी तक यह निर्णय नहीं हो पाया है कि शेल्टर होम का निर्माण कौन सी शाखा करेगी।
पहले शेल्टर होम के लिए एमजीएच ब्रांच की ओर से टेंडर लगाए गए थे। शेल्टर होम बनाने का निर्माण निजी एजेंसी को किया जाना था। लेकिन किसी भी एजेंसी ने टेंडर नहीं लिया। जिसके बाद निगम ने तथ किया के यह खुद ही शेल्टर हीम बनाने काम करेगा। शहर में 18 हजार से अधिक कुते. नसबंदी करने के लिए केवल एक एजेंसीः निगम के आंकड़ों की माने तो शहर में कुत्तों की संख्या 18 हजार से अधिक है।
