अब मास्टरकार्ड और वीजा कार्डधारकों को भुगतान के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) की जरूरत नहीं होगी और वे बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिये लेनदेन पूरा कर सकेंगे। वैश्विक कार्ड नेटवर्क मास्टरकार्ड और वीजा कार्ड लेनदेन के लिए ‘पासकी’ व्यवस्था लाने जा रहे हैं जिससे उपयोगकतो अपने चेहरे के स्कैन या फिंगरप्रिंट जैसे बायोमेट्रिक से भुगतान को प्रमाणित कर सकेंगे। मामले से अवगत लोगों ने इसकी जानकारी दी। इससे भारत में पहली बार बड़े पैमाने पर बिना ओटीपी सुब्यापन के उपयोगकर्ताओं को क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लेनदेन को पूरा करने की सुविधा मिलेगी।
मास्टरकार्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (कस्टमर सॉल्यूशंस) रवि ातला में बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हमने अपने जिन आहकों को पासकी चुनने का विकल्प दिया है उनमें से 30 फीसदी इसे अपना रहे हैं। ये ऐिसे लोग हैं जो अक्सर कार्ड के जरिये लेनदेन करते हैं।’ उन्होंने कहा कि ग्राहको के पास पासकों को चुनने या घोड़े समय के लिए ओटीपी के साथ जारी रखने का विकल्प होगा।
पासको आधारित भुगतान में उपयोगकर्ता का बायोमेट्रिक डिवाइस पर सुरक्षित रूप से संग्रहीत प्राइवेट को को अनलॉक किया जाता है। इसके बादले में, जारी करने वाले की तरफ से एक बार का चैलेंज साइन होता है, जिसमें बैंक कार्ड पेमेंट को मंजूरी देने से पहले पब्लिक की का इस्तेमाल करके जवाब को वैरिफाई करता है।
