सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) के कर्मचारियें की हाउसिंग सोसाइटी (HEWO) द्वारा किए गए दी’सुपर डीलक्स फ्लैटोंके आवंटन को धोखाड़ी और स्य प्रशंसा का शर्मवायः प्रदर्शन’ बताते हुए बुधवार को रद्द कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पाव कि सोसाइटी के गर्निंग बॉडो सदस्य और उनके अधीनस्थ कर्मचारी को किए गए ये आमटन पूरी तरह से मनमाने पक्षपाती और पात्रता निमगों के उल्लंमप में थे। सुप्रीम कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। कोर्ट ने HBWO पर लाक प्रतिकदी 3 पर 50.000 SAT हुए का साइटी को निर्देश दिया कि वह अपीलकर्ता को
कानूनी खर्च के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करे।
पंजाब एवं हरियाण उच्च न्यायालय के उय आदेश को रहे कर दिया जिसमे आवंटन प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया गया था। न्यायालय “हुडाके समें कार डा. शहरों संपदा और नगर एवं ग्रामीण योजना काचाण संगठन कर्मचारी (एचईडल्यूओं) के सदस्य दिनेश कुमार की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उन्य श्रेणी के दो सुपर डीलक्स फ्लैट के आक्टन को चुनौती दी गयी थी। पर विवाद ‘हुडा, अर्थन एस्टेट एंड टाउन एंड बढ़ी प्लानिंग एम्प्लॉइन येलफेयर ऑर्गनाइजेशन’ (HEWO) द्वारा निर्मित अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में दोफ्लैटों के आटन से संबंधित है। यह रातथा सरकारी कर्मचारिखें की आवास सुविधा प्रदान करने के लिए, बनाई गई थी।
