छायसागांव में हेपेटाइटिस के बढ़ते प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तह अलर्ट पर है। इसी मुस्तैदी के चलते विभाग ने दुरेंची गांव में अवैध रूप से चल रहे एक क्लीनिक पर छापेमारी कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। चौंकाने वाली बात यह रही कि क्लीनिक पर कोई डाक्टर नहीं, बल्कि 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला एक 17 वर्षीय नाबालिग मरीजों का उपचार करता हुआ मिला।
बिना किसी वध डिग्री या विशेषज्ञता के लोगों जान से खिलवाड़ बाल इस झोलाछाप सेंट के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।हेपेटाइटिस के डर के बीच स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाईः मिली जानकारी के अनुसार, छायसा में फैले हेपेटाइटिस के बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि दुरेंची गांव में झोलाछाप डाक्टर धड़ल्ले से क्लीनिक चला रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएमओ हथीन द्वारा डा. देवेंद्र, डा. इम्तियाज खान और पवन की एक तीन सदस्यीय विशेषं टीम गठित की गई।
