व्हलमाह सोमलर को देश का सबसे अधिक प्रदूषित शहर रात्र। केंद्रीय प्रदूषण यहां का वायु गुणा युवकांक (एक्यूआई) बेहद सरच श्रेणी के साथ 315 आंका गया। इससे लोगों को बाफी दिकारों का सामना करना पड़ा। चढ़ते जयु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए फरीदावाद सहित आसपास के दानाकों में चल रहे ईट भट्टे कोपले की जगह अयोमास थिन से चलाए जाले वायु गुणवत्ता प्रनंधन आयोग (सीएक्यूरण) ने यह आदेश जारी किया है।जानकारी के अनुसार फराबाद में वर्तमान समय में लगभग 100 हेट भई काल रहे हैं। इसके अलावा पलवल में भी करीब 100 इंट-बड़े चल रहे है।
अधिकारियों के अनुसार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मौजूता समय में सभी ईंट महडों के संचालन को बंद करा दिया गंगा है। लेकिन मार्च से इनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन सभी संचालकों से इंट-भ्छे चलने के लिए बायोमास आधारत ईंधन का इस्तेमाल करने को कहा गया है। बताया जा रखहै संचालक कोयले की अगर जयेनस बो स्थानांतरित करने में जुटे हैं।
