स्ट्रे डॉग्स के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिनों पहले ही निगमों को शेल्टर होम बनाने के आदेश दिए थे लेकिन इसकी असर देखने को नहीं मिल रहा है। धरातल पर अब तक इस दिशा में काम होता नेही शिकायत पर अधिकारी ने रिसोर्स न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया दिख रहा है।
आरडब्ल्यूए अपने पैसे खर्च कर आक्रामक कुतो को डॉग्स बोर्डिंग होम भेज रहे है जहां उसका इलाज किया जा रहा है। वही नगर निगम की ओर से स्ट्रे डॉग से संबंधित शिकायतो के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने के बावजूद लोगो को कोई ठोस समाधान नही मिल पा रहा। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि सोसायटी मे करीब 3 स्ट्रे डॉग आक्रामक हो गए है. जो आए दिन लोगो पर हमला कर रहे है। इनमें से एक डॉग को आरडब्ल्यूए ने अपने पैसो से निजी बोर्डिंग फैसिलिटी के लिए भेजा है। जहां डॉग को एक महीने रखने के लिए 15 हजार रुपये लिया जाता है। एक अग्रेसिवू डॉग को डॉग्स बोर्डिंग होम भेजा गया। बोर्डिंग में रखा गया।
