फरीदाबाद, 15 फरवरी, सत्यजय टाईम्स। सूरजकुंड मेला रविवार को सम्पन्न हो गया इस मेले में इस बार झूले हादशे के बाद काफी दहशत का आलम रहा, लेकिन दो आई.ए.एस अधिकारियों जिला उपायुक्त तथा पर्यटन विभाग के एमडी की सक्रियता से जहां इस मेले को बीच में बंद करने की संभावना बनने से पहले ही समाप्त हो गई, वहीं जो मेले की परम्पराएं रही हैं उनको इस हादशे के बाद भी जिस प्रकार से परा किया गया, उसके बाद इन दोनों आई.ए.एस. अधिकारियों को इसका श्रेय दिया जा रहा है? गनीमत इस बात की भी इन अधिकारियों के रुख के चलते न तो मेले की झूला घटना तूल पकड पाई और न इस मामले की आंच किसी अधिकारी पर ही आई ?
जिसके सत्यजय सत्य का प्रय आलम है, क्योकि जिस प्रकार से इस मेले के गुरु में निगम के तीन कर्मचारियों पर निलम्बन की गाज गिरी थी; उसके बाद यह माना जा रहा था कि फरीदाबाद में अनेक कर्मचारी अपने आलाधिकारियों के कोपभाजन का शिकार हो सकते हैं, पर ऐसा नहीं हुआ, जससे अधिकारी वर्ग खुश है हालांकि मेला समाप्त होना जनता के लिए कहीं खुशी कहीं गम साबित होने वाला है, क्योंकि जहां उनको अब अधिकारी कार्यालयों में मिलने लगेगें, वहीं सडकों पर फिर ने पुलिस के चालान दस्ते उनको आर्थिक नुकसान देने के लिए भी सक्रिय हो जाएंगें ?
