सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे साल में फूल 1.47 लाख राजस्ट्री हुई, जो जिले के इतिहास में सर्वाधिक है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2024 की तुलना में अधिक है, जब कुल 1.44 लाख रजिस्ट्रियां दर्ज की गई थी।इस बढ़ोतरी का सकारात्मक असरइस बढ़ोतरी का सकारात्मक असर उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व पर भी पड़ा।
गौतमबुद्ध नगर के निबंधन विभाग के खजाने में स्टांप शुल्क के माध्यम से पिछले एक साल में भारी धनराशि मा हुई। जहां 2024 में विभाग को 3338 करोड़ पए का राजस्व प्राप्त हुआ था. वहीं 2025 में यह इकर 3646 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।के अधिकारियों का मानना है कि यह वृद्धि दर्शाती है।वंकि लोग अब निवेश के बजाय रहने के उद्देश्य से संपतियों की खरीप में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।प्रशासन की सक्रियता और बिल्डर-बायर्स चिचाद कोर्तिमान स्थापित ही सका।
