फरीदाबाद, केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत फरीदाबाद को आधुनिक बनाने के दाव की पोल खुल गई है। शहर की वीआईभी सड़कों में शुमार 42 करोड़ रुपये की लग से बनी बड़खल स्मार्ट रोड श्योर मी प्रशासनिक लापरवाही का नताल चुक है। सड़क निर्माण के दौरा ठेकेदारों औ अधिकारियों ने सीवर के मैनहोल ही सड़क के नीचे दबा दिए, जिसका खामियाजा अव जनता को भुगतना पड़ रहा है। अब इन दके हुए मैनहोल को खोजने और लाइनों की सफाई के लिए 1.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट खर्च किया जाएगा।
हैरानी की बात यह है कि यह स्मार्ट रोड केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवास और कार्यालय को जोड़ती है। इसके बावजूद अधिकारियों ने निर्माण के समय गुणवत्ता की अनदेखी की। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर 19-28 को बांटने बाली इस 1.67 किलोमीटर लंबी सड़क को बनाते समय ज्यादातर सीवर मैनहोल को कंक्रीट के नीचे दफन कर दिया गया। कुछ मैनहोल फुटपाथके नीचे दबाए गए तो कुछ सड़क के बीचों-बीच गायब हो गए। दूसरी ओर, स्मार्ट सिटी मिशन के अधिकारियों ने जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है। सवाल यह उठता है कि जब 42 करोड़ रुपये खर्च कर सड़क बनाई जा रही थी, तब क्या अधिकारियों कहाँ थे ?
