फरीदाबाद। शहर में घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था बीते करीब डेढ़ साल से ठेके के अभाव में पूरी तरह पटरी से उतरी हुई है। जिस निजी कंपनी के पास यह जिम्मेदारी थी उसका ठेका रद्द होने के बाद नगर निगम अब तक कोई स्थायी वैकल्पिक एजेंसी तय नहीं कर सका है।
इसके चलते शहर के अधिकांश सेक्टरों और कॉलोनियों में कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए, स्थानीय निगम पार्षद और निजी वेंडरों के भरोसे चल रही है।वहीं चंडीगढ़ में एजेंसी के चयन पर मोहर न लग पाने के बाद निगम अस्थायी व्यवस्था को मजबूत करने में लगा है। निगम की तरफ से वेंडरों का पंजीकरण किया जा रहा है, वहीं गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग न करने पर वेंडरों के साथ कूड़ा डालने वाले लोगों पर भी जुर्माना लगाने का नियम बनाया गया है।
