सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाओं के सबसे बड़े संकट में जुल रहे हैं। जिला अस्पतालों में न ले पौत्र पटूटी है न बैंडेज। मल्टीविटामिन जऔर एंटीबायोटिक भी नहीं है। एर्वेशयल ड्रग लिस्ट में 330 जरह की दवाएं आती है। इनमें से 200 तरह की पत्विपूर्ण दवाएं और सर्जिकल आइटम अस्पतालों में नहीं है।
नही स्थिति रही तो दो गहा में कई दरअसल, सितंबर अंत में जीएसटी दरों में बदलाव किया गया था। कई दवाओं पर भी जीएसटी घटाया गया है। इसके बाद या खरीदी के लिए नए सिरे से रेट सॉन्ट्रेक्ट (आरसी) प्रक्रिया की जानी थी। करवाओं की खरीदी करता है और मांग के अनुसारहकारी अस्पतालों को वितरित करता है। लेकिन सभी लाओं के सिर में प्रक्रिया अब तक नहीं हो पाई।
