फरीदाबाद: शहर में अगर आम आदमी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता की गाडियां बगैर इंश्योरेंस के दौड़ रही हैंलेकिन कोई देखने वाला नहीं है। खास बात ये है कि इनमें डिप्टी कमिश्नर, सिटी मैजिस्ट्रेट और स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की गाड़ियां शामिल हैं। यही नहीं कई विभागों में किराये पर ली गई कई गाड़ियों के भी इंश्योरेंस खत्म हो चुके हैं। अफसरों की इन गाड़ियों में बत्ती लगी होने के कारण पुलिस भी कभी इनकी जांच करने का प्रयास नहीं करती है।
ऐसे में यदि कहीं हादसा हो गया तो संबंधित गाड़ी के ड्राइवर की लापरवाही मानी जाएगी और उसे ही कानूनी कार्रवाई से जूझना पड़ेगा। अगर कोई हादसे में मर गया तो उसके क्लेम का भार भी ड्राइवरों पर आएगा, क्योंकि गाड़ी के कागजों की जांच पड़ताल करने की जिम्मेदारी उनकी भी होती है। एनबीटी संवाददाता ने कुछ अधिकारियों की कारों के नंबर एकत्र किए और जब उसे ‘वीकल इनफो ऐप’ पर जांच की तो उसमें ये लापरवाही सामने आई। अब जिम्मेदार अधिकारी ऐप पर अपडेट न होने की बात कह रहे हैं। डीसी व सीटीएम की ये है कार डीसी के पास दो गाड़ियों उपलब्ध हैं। इनमें एक HR- 30C-0001 और दूसरी HR 28GV-1001 है।
