फरीदाबाद। नगर निगम प्रशासन दूषित पेयजल की आपूर्ति रोकने के लिए पानी की पाइप लाइनों की जांच करेगा। नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़खटा ने सोमवार को इस बारे में सभी कार्यकारी अभियंताओं को आदेश जारी किया है। इंदौर में दूषित पेयजल पीने से करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। इस घटना से सबक लेते हुए नगर निगम आयुक्त ने सोमवार को सभी कार्यकारी अभियंताओं को आदेश जारी किया है। इस आदेश में निगमायुक्त ने सभी कार्यकारी अभियंताओं के नाम एक पत्र जारी किया है।
सर्वे करने का आदेश दिया गया है। इस सर्वे में लीकेज रोकने, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन का पता लगाने के साथ-साथ सीवर के पानी की मिलावट होने जांच पर फोकस किया जाएगा। यदि कोई लाइन टूटी हुई है तो उसे तुरंत ठीक करने के लिए कहा गया है। इस आदेश के बाद नगर निगम प्रशासन के कार्यकारी अभियंताओं की टीमें सर्वे कार्य में जुट गई हैं। वैसे नगर निगम प्रशासन ने पाइप लाइनों की लीकेज और मरम्मत का कार्य निजी कंपनियों को सौंपा गया है। शिकायत मिलने पर ये कंपनियां ही लीकेज रोकने का काम करती हैं।
