केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 10 अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, अब वाहन पर या तो वैध फास्टैग वानिवार्य होगा या फिर यूपीआई पेमेंट ऐप। यह दोनों न होने की स्थिति में वाहन चालक को 72 घंटे के भीतर ऑनलाइन भुगतान करना होगा, अन्यथा जुमाना लगाया जाएगा। फास्टैग मुख्य भुगतान माध्यम बना रहेगा, जबांक यूपीए विकल्प के रूप में होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के अनुसार, भुगतान न करने पर वाहन को प्रवेश से मना किया जा सकता है। यदि तीन दिनों के भीतर चकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तो दोगुना शुल्क लागू होगा।यह बकाया राशि सड़क मंत्रालय के दिन’ सिस्टम में दर्ज की नाएगी यदि 15 दिनों के भीत्तर भुगतान होता, तो वाहन पर प्रतिबंध लगा बनाएंगे।
