हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के निर्माणों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की फॉरेस्ट अहवा मिटये (FAC) ने अरावली फॉरेस्ट में में 67 हेक्टेयर भूमि पर बने सरकारी और असरकारी निर्माणों को सैद्धांतिक रूप से ता प्रदान कर दी है।
इसके साथ निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत चल रही तोड़फोड़ की कार्रवाई के दायरे से बाहर हो गए है। FAC की यह मंजूरी पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (PLPA) की धारा-4 के तहत अधिसूचित अरावली वन क्षेत्र में पहले से मौजूद निर्माणों को डायवर्जन पॉलिसी के अंतर्गत एक्स पोस्ट फैक्टो क्लियरेंस के रूप में दी गई है। यही नहीं HSVP ने 67 हेक्टेयर जमीन के बदले वन विभाग को दोगुनी यानी 135 हेक्टेयर जमीन अरावली के अंदर दी है जहां पर वन विभाग नगर वन विकसित करने का काम करेगा।
