चंडीगढ़ हरियाणा में अब बिजली कंपनियों को हर हाल में अपने उपभोक्ताओं को संतुष्ट करना होगा। इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही नी तम की जाएगी। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) ने सेवा वितरण में सुधार और जवाब देसुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (साप्सआइ) लागू करने, बैलेंस्ड स्कोरकार्ड प्रणाली अपनाने तथा सभी पावर यूटिलिटीज के लिए आइएसओ प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है।
एचईआरसी के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा ने राज्य सलाहकार समिति (एसएसी) की उउचीं बैवक में कहा कि अब एसएसी की बैठक वर्ष में तीन चार आयोजित की जाएगी। शिव कुमार के साथ बैठक ले रहे एईआरसी अध्यक्ष सभी पयर यूटिलिटीज निर्देश दिया कि वे तीन माई के भीतर सुव्यवस्थित उपभी संतुष्टि सूचकांक सीएसआई लागू करें। इसकी मासिक धिगरानी की जाएगी। मूल्यांकन सेक्शन त्तर पर जूनियर इकोनियर से लेकर उपमंडले, मंडल और यूटिलिटी स्तर तक किया जाना चाहिए, तोकि जवाबदेही तय हो । एचईआरसी अध्यक्ष ने लक्ष्य आधारित प्रदर्शन और प्रणालीगत सुधार को संस्थागत रूप देने के लिए वैलेंस्ट स्कोरकार्ड प्रणाली लागू करने के लिए कहा।
