फरीदाबाद। शहर को साफ-सुथरा बनाने और स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए नगर निगम अब कूड़ा प्रबंधन का नया मॉडल लागू करने जा रहा है। निगम ने अपना फोकस अब बल्क वेस्ट जनरेटर्स यानी बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थानों पर कर दिया है। इसके तहत निगम विशेषज्ञ निजी एजेंसियों को सूचीबद्ध करेगा जो सीधे संस्थानों से कचरा उठाएंगी उसे अलग-अलग करेंगी और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेंगी।
अधिकारियों का मानना है कि अगर इन बड़े कचरा उत्पादकों की व्यवस्था -सुधर गई तो पूरे शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव दिखेगा। फरीदाबाद से रोजाना करीब 900 टन कचरा निकलता है लेकिन फिलहाल केवल लगभग 250 टन का ही जिले में निस्तारण हो पा रहा है। बाकी कचरा जिले से बाहर बंधवाड़ी में भिजवाना पड़ रहा है। खासकर एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद के संस्थानों पर भी सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। कई इलाकों में सड़क किनारे कूड़े के मुके हैं। यही वजह जिसने अब घरों के साथ-साथ निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश पर फिलहाल 22 से अधिक बड़ी सोसाइटियों में सोसाइटी परिसर के भीतर हो कूड़ा निस्तारण का काम शुरू किया जा चुका है।
