फरीदाबाद। शहर में लावारिस कुत्तों के हमले के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले तीन माह में कुत्तों के काटने के छह हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। एक तरफ निगम की तरफ से लगातार लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जा रही है के की की जा रही है कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर व्यवस्था न होने के कारण हादसों पर रोक नहीं लग पा रही है।
सरकारी अस्पतालों में रेबीज विभाग के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर 2025 में 1979 तो नवंबर में 2133 और दिसंबर में 2408 मामले कुत्ते के द्वारा काटने के सामने आए हैं। यानी सिर्फ तीन महीनों में 6520 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए।
कुत्ते भूखे होते हैं तो आक्रामक हो जाते हैं वहीं शहर में कुछ सामाजिक संगठन और पशु प्रेमी लावारिस कुत्तों को नियमित खाना खिलाते हैं। सेक्टर-15 निवासी अनुज शर्मा का कहना है कुच्चे भूख होते हैं तो आक्रामक हो जाते हैं। हम तय जगह पर खाना देते हैं ताकि वे सड़कों पर न भटके। समस्या का समाधान मारना नहीं बल्कि नसबंदी और वैक्सीनेशन है।
