जहां चाह, वहां राह इस कहावत को सप कर दिखाया है सेक्टर-46 के 500 गज की चाकेट मेहने कले दपती माइक और नौलम बेरी प्रशासनिक अनदेखी और बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर दोनों ने खुद ही अपने बलॉक को संवारने का बबेडा उठाया। पिछले दो महीनों से पती स्थानीय लोगों की मदद से इलाके को संवार रहे है।
माईक और उनकी कलम ने यहां सबसे गंभीर समस्या खुले नाले की थी। खुले नाले में आदिन साइकल सवार व बच्चे गिरकर घायल हो रहे थे। स्थानीय निवास्ते जयप्रकाश रायसिंघानी ने बताया कि यहां कई साल से खुला नाला है। कई बार प्रशासन से इसे कवर करने की मांग कर चुके थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से दंपती ने नाले को कवर करने का जिम्मा उठाया।
