नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के नीक जस्टिस ने कई राज्यों में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) के कामकाज पर निल्शा बनाई और कहा कि अब समय गया है कि राज्य सरकारे इस अॉरिटी के गठन के फैसले पर दोबारा विचार करे। सीजेआई ने कहा. ‘डिफॉल्टर बिल्डरो की सुविधा देने के अलावा यह कुछ नहीं कर रहा। इससे बेहतर है कि इस संस्था को ही समाप्त कर दिया जाए।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेप हिमाचल प्रदेश सरकार की उस जचिक्न भर सुनवाई कर रही थी. जिसमें हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत राज्य सरकार के FLERA दफ्तर को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने के फैसले पर रोक लगा दी गई थी। हिमायत प्रदेश की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नाघवी दिवान ने बताया कि संबंधिता जनहित याचिका (PIL) एक प्रॉपटी डीलर ने दायर की गई थी।
