फरीदाबाद रियल एस्टेट कंपनी एसआरएस ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2300 से अधिक निवेशकों को उनके फ्लैट लख दिए हैं। करीब 650 करोड़ से अधिक के इन फ्लैट को ईने अटैच कर दिया था।
ईडी के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए यह कदम उठाया है।
जांच एजेंसी के अनुसार एसआरएस ग्रुप की विभिन्न परियोजनाओं में निवेशकरने वाले और फ्लैट खरीदने वाले 2,312 खरीदारों को उनकी संपत्ति लौटा दी गई है। जांच में पता चला कि एसआरएस ग्रुप के निदेशकों और अधिकारियों ने लोगों को आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं में निवेश के लिए बेहतर रिटर्न का लालचदिया था। ईडी का आरोप है कि निवेशकों और घर खरीदारों से ली गई रकम को समूह ने सैकड़ों शेल कंपनियों के खातों में जमा कराया और बाद में इस रुपये को अवैध तरीके से इधर-उधर कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। मामले में ईडी लंबे समय से जांच कर रही थी और कईसपनियों को पहले ही अटैच किया जा चुका था।
