एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेटके गुड़गांव जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के कथित मामले में शुक्रवार को मेसर्स DI इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की लगभग 206 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी किया। ED ने बताया कि प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के प्रावधानों के तहत अस्थायी जब्ती का यह आदेश जारी किया गया। मामला होमबायर्स को बादे के मुताबिक को क मुताबि दिएफ्लैट डिलिवर नहीं करने से जुड़ा है।
TDI इंफ्रास्ट्रक्चर का नाम पहले मेसर्स इनटाइम प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड था।बर्स के नही TDI इंफ्रास्ट्रक्चर भऔर इसकी लैटइन संपत्तियों में सोनीपत के कमासपुर में 8.3 एकड़ का प्लॉट भी है। ये संपत्तियां सहयोगी कंपनियों के नाम पर हैं। ED ने जाल में पाया कि TDI इंफ्रास्ट्रक्चर में सोनीपत में कई हाउसिंग कमर्शल प्रॉजेक्ट लॉन्च किए और रडवांस बुकिंग के रूप में 14105 कस्टमर्स से लगभग 4619 करोड़ रुपये जुटा लिए थे।
