हरियाणा सरकार ने अपने विकास योजनाओं में मिक्स्ड लैंड यूज क्षेत्रों के लिए नीति में बदलाव संभव है। मिक्स्ड लैंड यूज का मतलब है कि किसी क्षेत्र में आवासीय), वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोग एक साथ हो। पहले इस नीति में स्पष्ट अनुपात नहीं होने की वजह से नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने में देरी होती थी प्रस्तावित नई नीति में अब सटीक एफएआर (फ्लोर एरिया रेशो) औस ग्राउंड कवरेज तय किए जाएंगे।
संतुलित शहरी विकास पर जोरइन नीतिगत बदलावों का मुख्य उद्देश्य शहरों में आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों के बीच व्यावहारिक संतुलन स्थापित करना है। सरकार की कोशिश है कि भविष्य के विकास ढांचे में संस्थागत परियोजनाओं (जैसे स्कूल व अस्पताल) के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित हो। नई नीति में ग्राउंड कवरेज को सीमित करने का फैसला एक दूरगामी कदम माना जा रहा है। यह नियम लागू होने से एक ही भूखंड पर अत्यधिक निर्माण पर लगाम लगेगी। इससे रिहायशी इलाकों में खुली जगह मिल सकेगी और भविष्य में होने वाली भीड़भाड़ से बड़ी राहत मिलेगी।
