फरीदाबाद, 24 फरवरी, सत्यजय टाइम्स। एक बडी सच्चाई यह है कि फरीदाबाद नगर नगम पिछले लगभग ढेड साल से घर-घर से कड़ा चलाने का रेटर तक नहीं छोड़ पाया है। अनेक चार टेंडर लगा कर वापस लेने वाला निगम लम्बे समय से अवैध रुप से निगम क्षेत्र में घर-घर फूड़ा उठाने तथा वसूली करने का काम कर रहे वह ये ही काम चला रहा है और सही मायेन में अब यह वंडर निगम का मजबूरी बन गए हैं, क्योकि अवैध रुप से कंडम, लगातार प्रदूषण फैलाती, बिना जरुरी कागजों के चलाई जा रहा मानियों से पूरे निगम क्षेत्र में अवैध रुप से कुडा एकत्रित कर रहे हैं यह वंडर किसी न किसी पार्षद, विधायक या फिर सत्तधारी दल के नेता से जुड़े हैं तथा जुड़े हैं तो निश्च बौर पर उनके हितों की पूर्ति भी कर रहे होगे?
इससे भी रोचक तथ्य यह है किं कर्मचारी संगइनों में मजबूत माने जाने वाले निगम के कर्मचारी संगठन भी कस से कम इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं? संभतया यही कारण है कि अब निगम एक नई योजना पर विचार कर रहा है, जिसके तहत सभी नियम कानूनों को ताक पर रख कर उन संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है जिससे इन्हीं अवैध रुप से नियम कानूनों को ताक पर रख काम कर रहे वैड़रों को ही अगले तीन साल के लिए कुछ शतों के साथ नियमित कर दिया जाए? हालांकि यह सोच व योजना अभी प्रारम्भिक स्तर पर है, माना जा रहा है कि यदि सरकार इसकी मंजूरी दे देती है तो इसे निगम को जहां बार-बार टेंडर करने व वापस लेने को फजीहत से छूटकारा मिल जाएगा, वहीं सभी पार्षद, विधायक व सत्ताधारी दल के नेताओं की खुशी से उनका समर्थन निगम के अधिकारियों को मिल जाएगा? वैसे ही यदि इतिहास
