फरीदाबाद स्ट्रीट डाग के बंध्याकरण को लेकर भ्रष्टाचार की बू आने पर इसकी शिकायत स्टेट विजिलेंस पहुंच गई है। शिकायत में बंध्याकरण को लेकर पूरे शहर में केवल एक ही एजेंसी की देने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, ठेका देते को लेकर नियमों का पालन नहीं करने की भी शिकायत की गई है।स्ट्रीट डाग के मुद्दे पर एक आरटीआइ एक्टिविस्ट ने आरटीआइ के माध्यम से जवाब मांगा था कि जिस संस्था को निगम की ओर से बंध्याकरण का ठेका दिया गया है, उन्होंने अभी तक कितने कुत्तों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए।
कंपनी के पास कितने संसाधन है। उनके पास कितनी एंबुलेंस है। कितने कुत्तों का बंध्याकरण किया है। निगम की ओर से हर माह संस्था को कितना भुगतान किया जाता है। निगम की ओर से आरटीआइ को लेकर जानकारी नहीं दी गई। जिसकेनगर निगम पर लगाए गए आरोपों में है। बंध्याकरण को कोई दम नहीं है। लेकर बेहतर काम किया जा रहा है।बंध्याकरण को लेकर दो साल पहले टेंडर लगायाथा, जिसमें गुरुग्राम की एजेंसी भी शामिल हुई थी। सभी नियम और शर्तें मानने पर फरीदाबाद की एजेंसी को ठेका दे दिया है। अब उसी एजेंसी का ठेका और अधिक बढ़ा दिया गया है। जांच में निगम के खिलाफ कुछ भी गलत नहीं निकलेगा।
