
चंडीगढ़। हरियाणा के घरों में सप्लाई होने वाला पानी न तो पीने लायक है और न ही लोगों की जरूरतों को पूरा कर पा रहा है। यह खुलासा विधानसभा के मानसूत्र सत्र में पेश की गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि हरियाणा के 25 स्थानों से पानी के नमूने लिए गए।
एक सेट को करनाल की सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग (पीएचईडी) की लैब में और दूसरे सेट को विश्लेषण के लिए श्री राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल रिसर्च (एसआरआई) नई दिल्ली भेजा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी सैंपलों में पानी की शुद्धता तय मानकों पर खरी नहीं उतरी। वहीं, 32 में से 23 स्थानों पर जलापूर्ति प्रति व्यक्ति आपूर्ति से कम पाई गई है। शहरी क्षेत्र में 3.16 लाख कनेक्शनों में मीटर नहीं थे। 16 फीसदी लोगों ने माना कि एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई होती थी। 21 फीसदी लोगों ने माना कि गर्मियों में पानी की भारी कमी थी।