बाल्लभगढ़। यमुना नदी पर करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा मंझावली पुल 12 वर्ष बाद भी पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है। हरियाणा की ओर पुल और संपर्क मार्ग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश की ओर करीब दो किलोमीटर सड़क निर्माण अधूरा होने से यह परियोजना अटकी हुई है। संज्ञावली पुल से प्रतिदिन हजारों वाहन चालक शॉर्टकट के चलते ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर और अन्य क्षेत्रों तक आवाजाही के लिए जान जोखिम में डालकर इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा इंतजामों का अभाव : मंझावली पुल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। पुल और संपर्क मार्ग पर कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। हरियाणा क्षेत्र में बने पह के समय अंधेरी पद्मा दोनों मार्ग कच्चे और उबड़-खाबड़ हैं। हाल ही में इसी मार्ग पर एक अस्पताल प्रबंधक की जान जाने के बाद सुरक्षा इतनामों पर सवाल खड़े हुए हैं। पुल के हरियाणा छोर पर पुलिस नाका लगाया गया है, लेकिन यहां तैनात पुलिसकर्मियों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य वाहनों की जांच करना है, नकि लोगों की आवाजाही रोकना। ऐसे में लोग जोखिम उठाकर लगातार इस मार्ग से गुजर रहे हैं।
