शहर में आवारा और कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। शहर के सरकारी अस्पताल बीके में डॉग बाइट के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बीके अस्पताल में रोज करीब 60 लोग कुत्तों व बंदर के काटने के बाद उपचार व एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए नगर निगम ने इससे निपटने के लिए विशेष योजना तैयार की है।
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी नितिश परवाल ने बताया कि अब रोज 25 से 30 आवारा कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
नगर निगम मे कार्यकारी अभियंता डालचंद ने बताया कि भूपानी में एक बड़ा शेल्टर होम तैयार किया जाएगा। दिसंबर तक यह शेल्टर होम बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें करीब 1000 कटखने और आक्रामक कुत्तों को रखा जाएगा। इससे रिहायशी इलाकों में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। कुत्तों को पकड़ेंगी। निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करना और रैबीज जैसी खतरनाक बीमारी के खतरे को कम करना है। नगर निगम ने लोगों को भी जागरूक करेगा।
