गुरुग्राम, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को विवादित स्टिल्ट +4 पॉलिसी पर कड़ा रुख अपनाते फिलहाल रोक लगा दी है। इस पॉलिसी पर रोक लगने से रियल एस्टेट बाजार के समीकरण पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। एक तरह से यह रोक छोटे बिल्डरों को झटका है और बड़े ग्रुप के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। पॉलिसी पर रोक के बाद चुोटे बिल्डर बुरी तरह सहम गए हैं। निवेशकों में भी भय का माहौल साफ नजर आ रहा है।
कुल मिलाकर पूरे प्रदेश में हाईकोर्ट के आदेश ने चिंता बढ़ा दी है। अब आठ अप्रैल को होने बाली सुनवाई के दौरान अंतिम फैसले का इंतहार है। सभी की नजरें 8 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं। यदि यह रोक लंबी खिंचती है, तो हरियाणा के शहरी इलाकों में रिहायशी प्लॉट की कीमतों और फ्लैट्स की डिमांड पर इसका गहरा असर देखने को मिलेगा।हालांकि यह फैसला पूरे प्रदेश के लिए है लेकिन इसका सबसे अधिक असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, बहादुरगढ़, सोनीपत और पंचकुला जैसे प्रमुख सहरों पर अधिक देखने को मिल सकता है।
