रिवित नियमों के अनुसार जिन गैर रिहायशी भवनों में कम से कम 10 कार पार्किंग की व्यवस्था होंगी, वहां हर तीन पार्किंग स्लॉट पर एक ईवी चार्जिंग प्वाइंट बनवाना अनिवार्य होगा। यह नियम मॉल, होटल, मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कार्यालय, आईटी पार्क और अन्य व्यावसायिक इमारतों पर लागू होगा। वहीं रिहायशी परिसरों में चार्जिंग व्यवस्था को अनिवार्य किया जाएगा। ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, सहकारी आवास समितियों और आरडब्ल्यूए द्वारा संचालित आवासीय, परिसरों में जहां 10 या उससे अधिक कार पोर्किंग की सुविधा होगी, वहां हर पांच कारों पर
डेवलपर्स और बिल्डरों को बड़ी राहत जानकारी के अनुसार सरकार ने डेवलपर्स और बिल्डरों को राहत देने, के लिए ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की गणना से बाहर रखने का प्रस्ताव भी रखा है। यानि यदि कोई बिल्डर पार्किंग क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन विकसित करता है तो उसका क्षेत्र निर्माण सीमा में नहीं जोड़ा जाएगा। इससे अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र की बाधा नहीं आएगी और बिल्डर आसानी से चार्जिंग सुविधाएं विकसित कर सकेंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भवन निर्माण नियों में बदलाव जरूरी हो गया है। नए प्रावधान लागू होनें के बाद लोगों को रिहायशी और व्यावसायिक परिसरों में ही चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी
