फरीदाबाद/गुरुग्राम। अगर दिल्ली-एनसीआर में रात की अर्थव्यवस्था का कोई बेताज बादशाह है, तो वह गुरुग्राम है। हरियाणा सरकार की आबकारी नीति (जिसके तहत बार और क्लबों को सुबह पांच बजे तक या 24×7 खोलने की छूट है) के कारण पिछले तीन सालों में गुरुग्राम में बार और माइक्रोब्रुअरीज की संख्या में 30 से 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, फरीदाबाद में पांच वर्षों में 20 नए बार खुले हैं।
फरीदाबाद में पिछले पांच वर्षों के दौरान बार की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में बार की संख्या 35 से बढ़कर 55 हो गई है। एक बार के लाइसेंस की सालाना फीस 35 लाख रुपये निर्धारित है। इसके चलते विभाग की वार्षिक आय में करीब सात करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में जिले के सभी 55 बार से आबकारी विभाग को हर साल लगभग 19.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है।
