ज्वाइंट कमिश्नर मान ने कहाकि केवल वही कॉलोनियां नगर निगम को सौंपी जाएंगी, जो सरकार द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों को पूरा करेंगी। हैंडओवर प्रक्रिया के ‘दौरान प्रत्येक बिंदु का तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर परीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न रहे।
नगर निगम के अधीन आने से रहवासियों को होंगे ये लाभ
कॉलोनियों के नगर निगम के अधीन आने के बाद सड़क, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सफाई और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। विकास कार्यों के लिए निगम के बजट से धन उपलब्ध हो सकेगा, जिससे टूटी सड़कों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था में सुधार, नियमित सफाई, स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार आसान होगा। साथ ही, रहवासी अपनी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए सीधे नगर निगम के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिससे विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
