फरीदाबाद (मजदूर मोर्चा) नगर निगम में भ्रष्टाचार का संगठित खेल चल रहा है। एक्सईएन महेंद्र द्वारा नगर निगम के अधीक्षण अभियंता एसई को रेट अप्रूवल के लिए दो प्रतिशत, मुख्य अभियंता चौफ इंजीनियर को 3 प्रतिशत और आयुक्त कमिश्नर को दो प्रतिशत हिस्सा पहुंचाया जा रहा है। इस तरह मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जनता के धन की संगठित लूट खसोट हो रही है। यह आरोप हमारा नहीं बल्कि तिगांव विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले दिलसुख नामक समाजसेवी के हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री को भेज कर कार्रवाई की मांग की है।
दिलसुख के आरोप यहीं नहीं समाप्त हुए। उन्होंने निगम में भ्रष्टाचार का तरीका भी विस्तार से बताया है। उनके अनुसार अधिकारी किसी भी टेंडर के रेट मनमाने ढंग से स्वीकृत करते हैं। यदि कोई ठेकेदार अपने मन का टेंडर रेट स्वीकृत करवाना चाहता है तो इन अधिकारियों द्वारा तय की गई कमीशन की रकम अग्रिम रूप में एक्सईएन महेंद्र को देनी पड़ती है। पेशगी कमीशन देने के बाद टेंडर के रेट स्वीकृत हो जाते हैं लेकिन काम शुरू करने के लिए वर्क ऑर्डर नहीं जारी किया जाता। उनका आरोप है कि संबंधित एक्सईएन वर्क ऑर्डर जारी करने के लिए पांच से छह फीसदी रिश्वत मांगता है, जो देनी ही पड़ती है।
