हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सरकारी अस्पतालों की मोर्चरी (शवगृह) में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में शब रखने वाले फ्रीजर चैंबर हर समय कार्यशील रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि किसी भी मृतक के शव के संरक्षण में लापरवाही न केवल प्रशासनिक चूक है. बल्कि यह मृतक की गरिमा और उसके परिजनों की संवेदनाओं से जुड़ा गंभीर विषय भी है। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए, जिससे शोकाकुल परिवारों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़े।
आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने फरीदाबाद और सोनीपत से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई के बाद संबाधत जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए। उन्हीन सभी अस्पतालों में मोर्चरी के फ्राजर चैंबरों का नियमित निरीक्षण कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे हर समय चालू और उपयोग की स्थिति में रहें।
