चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि केवल वृद्धावस्था, शारीरिक कमजोरी, सुनने में दिक्कत या अन्य बीमारियां अपने आपमें किसी व्यक्ति की वसीयत करने की क्षमता खत्म नहीं करती। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक वारिस को वसीयत से बाहर रखना मात्र ही वसीयत को संदिग्ध नहीं बनाता, क्योंकि वसीयत का उद्देश्य ही सामान्य उत्तराधिकार के क्रम को बदलना होता है।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने सोनीपत के थास्का गांव से जुड़े 31 साल पुराने संपत्ति विवाद में दोनों निचली अदालतों के फैसलों को बरकरार रखते हुए गंगा देवी की नियमित द्वितीय अपील खारिज कर दी। हरदेवा की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति उसके पुत्र दीपा और पुत्री गंगा देवी से संबंधित विवाद का कारण बनी। दीपा की 1940 में मृत्यु हो गई थी और उसकी पत्नी बोहती निस्संतान र्थी।
