आयकर रिटर्न दाखिल करते समय इस बार करदाताओं को अधिक सावधानी बरतनी होगी। नियमों में बदलाव के बाद पहली बार शादी समारोह या रिश्तेदारों से मिले उपहार की जानकारी भी देनी होगी। इसके अलावा सोलर पैनल लगाने, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और सरकारी योजनाओं के तहत मिली सब्सिडी या अनुदान का ब्योरा भी आईटीआर में दर्ज करना होगा। जानकारी छिपाने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल तक हो सकती है।
अब वसीयत या संयुक्त हिंदू परिवार के बंटवारे से मिली संपत्ति, कषि भूमि की बिक्री और महतरी वंदन जैसी सरकारी योजनाओं से मिली राशि की जानकारी देनी होगी। सोलर साब्सडी समेत दूसरी सरकारी सहायता भी इसके दायरे में आएगी। इन पर मिलने वाली आयकर छूट पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन आईटीआर में इनका उल्लेख अनिवार्य होगा। पहले ऐसी करमुक्त प्राप्तियों की विस्तृत जानकारी देना जरूरी नहीं था।
