औद्योगिक नगरी फरीदाबाद से होकर गुजरने वाली आगरा और गुरुग्राम नहर अब आत्महत्या और हादसों का बड़ा केंद्र बनती जा रही हैं। लगभग हर सप्ताह कोई न कोई व्यक्ति नहर में छलांग लगाकर जान दे रहा है। लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है मामूली पारिवारिक विवाद या तना आत्महत्या जैसा महाराज जक्क पुली और नहर किनारों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से हादसों की आशंका भी बनी रहती है।
अधिकांश पुलों पर न तो ऊंची रेलिंग है और न ही सुरक्षा जङ्गलः स्थानीय लोगों के अनुसार आगरा और गुरुग्राम नहर फरीदाबाद में करीब 26 किलोमीटर तक बहती हैं। दोनों नहरें दिल्ली के कालिंदी कुंज से निकलती हैं और इनके किनारे सेहतपुर, सरस्वती कॉलोनी, श्याम कॉलोनी, गणपति कॉलोनी, अजय नगर, धीरज नगर, एतमादपुर, मवई, खेड़ीपुल और भारत कॉलोनी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र बसे हैं। लोगों की आवाजाही के लिए करीब 16 पुल बनाए गए हैं, लेकिन अधिकांश पुलों पर न तो ऊंची रेलिंग है और न ही सुरक्षा जाल लगाए गए हैं।
