पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि अदालत द्वारा खुली अदालत (ओपन) कोर्ट) में आदेश सुना दिया गया है तो जज के हस्ताक्षर होने से पूर्व भी मीडिया उसकी रिपोर्टिंग कर सकता है और इसे अदालत की अवमानना नहीं माना जा सकता। यह टिप्पणी जस्टिस जेएस पूरी, जस्टिस अमरजोत भट्टी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक अवमानना याचिका को खारिज करते हुए की।
खंडपीठ ने कहा, न्यायिक वार्यता मूल रूप से सार्वजनिक रोती ओपन कोर्ट में उच्चारित आदेश न्यायिक प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। केवल इस आधार पर कि की हस्ताक्षरित प्रति बाद कपलब्ध हुई, पीडिय पर रिपोर्टिंग करने का प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। कोर्ट ने कहा, न्यायिक पारदर्शिता, प्रेस की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था के अहम स्तंभ हैं।
