हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों एक साहब का सरकारी गाड़ियों से लगाव चर्चा का विषय बना हुआ है। विभाग बदल गया, कुर्सी बदल गई, लेकिन सरकारी गाड़ियों से मोह नहीं छूटा। चर्चा है कि जाते-जाते पुराने दफ्तर में संदेश छोड़ गए कि एक गाड़ी उनके लिए और दूसरी मैडम के लिए रखी जाए।
कुछ दिन तक व्यवस्था चलती रही, लेकिन नए अधिकारी को वाहन की जरूरत पड़ी तो पूरा गणित बिगड़ गया। पहले एक गाड़ी लौटी और उसके पीछे दूसरी भी गैराज पहुंच गई। सचिवालय में लोग चुटकी ले रहे हैं कि साहब को विभाग से ज्यादा लगाव सरकारी नंबर प्लेट से था।
